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गूँगे (रांगेय राघव) कक्षा 11 हिंदी अंतरा — सम्पूर्ण व्याख्या, प्रश्न-उत्तर और नोट्स

कक्षा 11 हिंदी · अंतरा भाग 1 · गद्य-खंड · पाठ 4 गूँगे (रांगेय राघव) — सम्पूर्ण व्याख्या, प्रश्न-उत्तर और परीक्षा तैयारी लेखक परिचय, सारांश, शब्दार्थ, Mind Map, पाठ्यपुस्तक व अतिरिक्त प्रश्नोत्तर, MCQ और Quick Revision (NCERT कक्षा 11 हिंदी पाठ्यपुस्तक "अंतरा" भाग-1 पर आधारित प्रामाणिक अध्ययन सामग्री) गूँगे प्रगतिशील व यथार्थवादी कथाकार रांगेय राघव द्वारा रचित एक अत्यंत संवेदनशील व मार्मिक कहानी है। यह रचना कक्षा 11 की पाठ्यपुस्तक "अंतरा" (भाग-1) के गद्य-खंड में संकलित है[cite: 3]। इस कहानी में लेखक ने जन्म से मूक-बधिर एक अनाथ किशोर के माध्यम से समाज में दिव्यांगों के प्रति व्याप्त संवेदनहीनता, शोषण और उपहास पर गहरी चोट की है[cite: 3]। शारीरिक रूप से अक्षम होने के बावजूद गूँगा स्वाभिमानी है और भीख मांगने के बजाय मेहनत की रोटी खाना चाहता है[cite: 3]। यह कहानी यह सिद्ध करती है कि वास्तव में गूँगा-बहरा वह नहीं जो बोल-सुन नहीं सकता, बल्कि वह संवेदनहीन समाज है जो दूसरों की पीड़ा देखकर भी चुप और उदासीन रहता है[cite: 3]! 📖 गूँगे : संक्षिप्त सारांश क...