हिंद महासागर में छोटा-सा हिंदुस्तान
लेखक: रामधारी सिंह 'दिनकर' (1908–1974) · विधा: यात्रा-वृत्तांत
✒️ लेखक से परिचय
📜 मूल पाठ — सार-रूप में
भाग 1 — नैरोबी की ओर
लेखक 15 जुलाई को दिल्ली से, 16 जुलाई को बंबई (मुंबई) से और 17 जुलाई को नैरोबी से मॉरिशस के लिए रवाना हुए। रास्ते में नैरोबी (केन्या) में एक रात व दो दिन ठहरने का मौक़ा मिल गया। इसी दौरान वे नैरोबी के नेशनल पार्क घूमने निकल गए। यह चिड़ियाघर नहीं, बल्कि शहर के बाहर बना एक विशाल जंगल है जिसमें अच्छी सड़कें बनी हैं और पर्यटकों की गाड़ियाँ वहाँ घूमती रहती हैं।
भाग 2 — सिंहों का साम्राज्य
काफ़ी दूरी तय करने के बाद लेखक उस जगह पहुँचे जहाँ सात-आठ सिंह लेटे या सोए हुए थे, और उन्हें घेरकर आठ-दस मोटरें खड़ी थीं। सिंहों को देखने वालों में कोई रुचि ही नहीं थी — उन्होंने मनुष्यों की ओर देखा तक नहीं, मानो वे पेड़-पौधों और खरपात से भी बदतर हों। इतने में एक झुंड हिरनों का दिखाई पड़ा, जिनके बीच एक जिराफ बिल्कुल बेवकूफ़-सा खड़ा था। दो जवान सिंह उठे, हिरनों ने ताड़ लिया और चौकन्ने हो उठे — कुछ हिरन भाग निकले, बाक़ी एक जगह जमे रहे, क्योंकि सिंह भागते हुए, झुंड से पिछड़े जानवर का ही शिकार करते हैं। यह देखकर लेखक ने घर लौटना उचित समझा।
भाग 3 — मॉरिशस पहुँचना
नैरोबी से मॉरिशस तक बी.ओ.ए.सी. के जहाज़ में यात्रा हुई। जहाज़ शाम चार बजे उड़ा और पाँच घंटे की उड़ान के बाद जब मॉरिशस पहुँचा, तब वहाँ रात के क़रीब दस बज रहे थे — रात थी, अँधेरा था, बारिश हो रही थी, फिर भी हवाई अड्डे पर स्वागत के लिए बहुत लोग खड़े थे।
भाग 4 — मॉरिशस का परिचय
मॉरिशस द्वीप भूमध्य रेखा से लगभग बीस डिग्री दक्षिण और साठ डिग्री देशांतर रेखा के पास पश्चिम की ओर बसा है। इसकी लंबाई लगभग 29 मील, चौड़ाई लगभग 30 मील और कुल क्षेत्रफल लगभग 720 वर्गमील है — इसीलिए इसे 'हिंद महासागर का मोती' कहा जाता है। यहाँ की जनसंख्या का 67 प्रतिशत भाग भारतीय खानदान का है, और 53 प्रतिशत लोग हिंदू हैं। राजधानी पोर्टलुई की गलियों के नाम कलकत्ता, मद्रास, हैदराबाद और बंबई हैं; एक पूरे मोहल्ले का नाम 'काशी' है, और बनारस, गोकुल तथा ब्रह्मस्थान भी वहाँ मौजूद हैं। मॉरिशस के अधिकांश हिंदू बिहार और उत्तर प्रदेश से गए लोगों के वंशज हैं, इसलिए वहाँ हिंदी का व्यापक प्रचार है। राजभाषा अंग्रेज़ी है, संस्कृति की भाषा फ्रेंच है, पर आम जनता क्रेयोल बोलती है — जो फ्रेंच से बनी एक नई भाषा है, जिसका भोजपुरी से वही संबंध है जो भोजपुरी का हिंदी से है।
भाग 5 — गन्ने की खेती और मंदिर
मॉरिशस में गन्ने की खेती और चीनी उद्योग को जो सफलता मिली है, वह भारतीयों के कारण ही मिली है — चीनी वहाँ का प्रमुख उद्योग है, और यदि भारतीय वंश के लोग वहाँ न गए होते, तो गन्ने की खेती असंभव ही रहती। मॉरिशस के हर प्रमुख गाँव में शिवालय है, जहाँ लोग तुलसीकृत रामायण (रामचरितमानस) का पाठ या ढोलक-झाँझ पर गायन करते हैं। लेखक को मंदिर और शिवालय बहुत स्वच्छ और सुरम्य लगे।
भाग 6 — शिवरात्रि और परी-तालाब
मॉरिशस का सबसे बड़ा धार्मिक पर्व शिवरात्रि है। द्वीप के मध्य में एक झील है जिसका नाम हिंदुओं ने परियों से जोड़कर 'परी-तालाब' रखा था, और लगभग पचास साल पहले इसका नाम बदलकर 'गंगा-तालाब' कर दिया गया। शिवरात्रि के समय सारे मॉरिशस के हिंदू श्वेत वस्त्र धारण कर, कंधों पर काँवर लिए जुलूस बाँधकर परी-तालाब पर आते हैं और वहाँ का जल भरकर अपने-अपने गाँव के शिवालय को लौट जाते हैं तथा शिवजी को जल चढ़ाकर घरों में प्रवेश करते हैं। सभी वयस्क उस दिन उजली धोती, उजली कमीज़ और उजली गांधी टोपी पहनते हैं; बच्चे हाफ पैंट पहन सकते हैं, पर गांधी टोपी उन्हें भी पहननी पड़ती है।
— रामधारी सिंह 'दिनकर'
💡 सरल व्याख्या (मुख्य भाव)
यह यात्रा-वृत्तांत दो भागों में बँटा है — पहला भाग नैरोबी के नेशनल पार्क का रोमांचक वर्णन है, जिसमें प्रकृति के नियम (सिंह की निश्चिंतता, हिरनों की समूह-रणनीति) उजागर होते हैं। दूसरा और मुख्य भाग मॉरिशस का है, जहाँ लेखक यह दिखाना चाहते हैं कि भारत से सुदूर हिंद महासागर के एक छोटे-से द्वीप पर भी भारतीय संस्कृति कितनी जीवंत और चिरायु है। भाषा, धर्म, त्योहार, स्थान-नामों और यहाँ तक कि खेती में भी भारतीयता की गहरी छाप देखकर लेखक को गर्व होता है कि प्रलोभनों और अत्याचारों के बावजूद भारतवंशियों ने अपनी जड़ों को नहीं छोड़ा।
📖 शब्द-संपदा
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| खरपात | घास-फूस, बेकार वनस्पति |
| रक्तचाप | रक्त-वाहिनियों (नसों) में बहते रक्त के दबाव का नाम |
| निरापद | सुरक्षित, ख़तरे से रहित |
| बी.ओ.ए.सी. | 'ब्रिटिश ओवरसीज़ एयरवेज कॉरपोरेशन' नाम की एक पुरानी विदेशी विमान कंपनी |
| भूमध्य रेखा | पृथ्वी के चारों ओर एक काल्पनिक वृत्त जो उसे उत्तरी व दक्षिणी भाग में बाँटता है |
| देशांतर रेखा | ग्लोब पर उत्तर से दक्षिण खींची गई काल्पनिक रेखाएँ जो उत्तरी ध्रुव को दक्षिणी ध्रुव से मिलाती हैं |
| क्रेयोल | दो भाषाओं (यहाँ फ्रेंच व स्थानीय बोलियों) के मेल से बनी नई भाषा |
| काँवर | बाँस का मज़बूत डंडा जिसके दोनों सिरों पर बँधी टोकरियों/छींकों में यात्री गंगाजल या अन्य वस्तुएँ ले जाते हैं |
| प्राणवती, चिरायु | जीवन-शक्ति से भरपूर, दीर्घजीवी |
| सराहना | प्रशंसा करना |
| प्रलोभन | लालच |
| शिवालय | शिव जी का मंदिर |
📝 पाठ्यपुस्तक के अभ्यास प्रश्नों के उत्तर
मेरी समझ से — (क) सटीक उत्तर चुनिए
- हिरण समूह में क्यों खड़े थे? ✔ भागने पर उन्हें सिंह के आक्रमण का डर था (सिंह झुंड से पिछड़े/भागते जानवर का ही शिकार करते हैं)। वे भाग चुके हिरणों के लौटने की प्रतीक्षा में थे। वे बीच में खड़े असावधान जिराफ की रक्षा कर रहे थे। सिंह उनसे उदासीन थे अतः उन्हें कोई खतरा नहीं था।
- मॉरिशस छोटे पैमाने पर भारतवर्ष ही है। कैसे? गन्ने की खेती अधिकतर भारतीयों द्वारा की जाती है। अधिकतर जनसंख्या भारत से जाने वालों की है। सभी मॉरिशसवासी परी तालाब पर एकत्रित होते हैं। ✔ भारत की बहुत-सी विशेषताएँ (भाषा, धर्म, स्थान-नाम, त्योहार) वहाँ दिखाई देती हैं।
पंक्तियों पर चर्चा
"भारत में बैठे-बैठे हम यह नहीं समझ पाते कि भारतीय संस्कृति कितनी प्राणवती और चिरायु है। किंतु, मॉरिशस जाकर हम अपनी संस्कृति की प्राणवत्ता का ज्ञान आसानी से प्राप्त कर लेते हैं।"
अर्थ — भारत में रहते हुए हमें अपनी संस्कृति की जीवन-शक्ति का पूरा अंदाज़ा नहीं होता, क्योंकि वह हमारे चारों ओर स्वाभाविक रूप से मौजूद रहती है। लेकिन जब हम मॉरिशस जैसे दूर देश में यह देखते हैं कि सैकड़ों वर्षों बाद और हज़ारों मील दूर भी भारतीय भाषा, धर्म और परंपराएँ जीवित हैं, तब हमें एहसास होता है कि भारतीय संस्कृति कितनी दीर्घजीवी और सशक्त है।
सोच-विचार के लिए
(क) "नैरोबी का नेशनल पार्क चिड़ियाघर नहीं है।" नेशनल पार्क और चिड़ियाघर में क्या अंतर है?
चिड़ियाघर में जानवरों को पिंजरों या बाड़ों में क़ैद रखा जाता है और दर्शक बाहर से उन्हें देखते हैं। नेशनल पार्क एक विशाल प्राकृतिक जंगल होता है, जहाँ जानवर स्वतंत्र रूप से अपने प्राकृतिक वातावरण में विचरण करते हैं और पर्यटक गाड़ियों में बैठकर उन्हें उनके स्वाभाविक परिवेश में देखते हैं।
(ख) "हम लोग पेड़-पौधे और खरपात से भी बदतर समझे गए।" वे कौन थे जिन्होंने लेखक और अन्य लोगों को पेड़-पौधों से भी बदतर समझ लिया था? उन्होंने ऐसा क्यों समझा?
वे सिंह थे। उन्होंने पर्यटकों की ओर देखा तक नहीं, मानो मनुष्यों की उपस्थिति उनके लिए इतनी महत्वहीन थी कि ध्यान देने योग्य भी न थी — यही निश्चिंत उदासीनता दिखाती है कि सिंह अपने प्राकृतिक आवास में कितने निडर और सर्वशक्तिमान महसूस करते हैं।
(ग) "मॉरिशस की असली ताकत भारतीय लोग ही हैं।" पाठ में इस कथन के समर्थन में कौन-सा तर्क दिया गया है?
तर्क यह है कि मॉरिशस की खेती और चीनी उद्योग को जो सफलता मिली, वह भारतीय वंश के लोगों की मेहनत के कारण ही संभव हुई। चीनी मॉरिशस का प्रमुख उद्योग है, और भारतीयों के बिना गन्ने की खेती असंभव हो जाती और चीनी के कारखाने बढ़ ही नहीं पाते।
(घ) "उस द्वीप को उन्होंने छोटा-सा हिंदुस्तान बना डाला।" भारत से गए लोगों ने मॉरिशस को हिंदुस्तान जैसा कैसे बना दिया है?
उन्होंने अपनी भाषा (हिंदी/भोजपुरी/क्रेयोल), धर्म (शिवालय, रामायण-पाठ), त्योहार (शिवरात्रि), और भारतीय शहरों के नाम (कलकत्ता, मद्रास, हैदराबाद, बंबई, काशी, बनारस, गोकुल, ब्रह्मस्थान) को अपनाए रखा, जिससे मॉरिशस भारत की एक छोटी झलक बन गया।
(ङ) लगभग 50 साल पहले 'परी-तालाब' का नाम बदलकर 'गंगा-तालाब' क्यों कर दिया गया होगा?
क्योंकि यह झील हिंदुओं के लिए एक पवित्र तीर्थ है, इसलिए इसे भारत की सबसे पवित्र नदी गंगा से जोड़कर नाम दिया गया होगा, ताकि इसकी धार्मिक पवित्रता और भारतीयता और स्पष्ट रूप से व्यक्त हो सके।
शब्दों की बात — संज्ञा के स्थान पर (सर्वनाम पहचानिए)
1. "हाँ, बच्चे हाफ पैंट पहन सकते हैं, लेकिन गांधी टोपी उस दिन उन्हें भी पहननी पड़ती है।"
सर्वनाम — उन्हें (बच्चों के लिए प्रयुक्त)।
2. "भारतीयों ने अत्याचार तो सहे, लेकिन प्रलोभनों को ठुकरा दिया। वे अपने धर्म पर डटे रहे और जिस द्वीप में भगवान ने उन्हें भेज दिया था, उस द्वीप को उन्होंने छोटा-सा हिंदुस्तान बना डाला।"
सर्वनाम — वे, उन्हें, उन्होंने (तीनों भारतीयों के लिए प्रयुक्त)।
(ख) उपर्युक्त वाक्यों को सर्वनाम की जगह संज्ञा शब्द लगाकर लिखिए।
1. "हाँ, बच्चे हाफ पैंट पहन सकते हैं, लेकिन गांधी टोपी उस दिन बच्चों को भी पहननी पड़ती है।"
2. "भारतीयों ने अत्याचार तो सहे, लेकिन प्रलोभनों को ठुकरा दिया। भारतीय अपने धर्म पर डटे रहे और जिस द्वीप में भगवान ने भारतीयों को भेज दिया था, उस द्वीप को भारतीयों ने छोटा-सा हिंदुस्तान बना डाला।"
पहचान पाठ के आधार पर
इस यात्रा-वृत्तांत में तीन देशों के नाम पढ़े हैं — भारत, केन्या और मॉरिशस। पाठ में दी गई जानकारी के आधार पर बाक़ी दोनों देशों को पहचानिए।
केन्या — अफ़्रीका महाद्वीप के पूर्वी तट पर स्थित एक देश है, जिसकी राजधानी नैरोबी है; यह भूमध्य रेखा के निकट है और यहाँ प्रसिद्ध नेशनल पार्क हैं। मॉरिशस — हिंद महासागर में, भूमध्य रेखा से लगभग 20 डिग्री दक्षिण और 60 डिग्री देशांतर के पास स्थित एक छोटा-सा द्वीप-देश है, जो भारत के दक्षिण-पूर्व दिशा में समुद्र के बीचों-बीच बसा है।
पाठ से आगे
आपकी बात (क) — "वहाँ जो कुछ देखा, वह जन्मभर कभी नहीं भूलेगा।" क्या आपने भी कभी ऐसा कुछ देखा, सुना या पढ़ा है जिसे आप कभी नहीं भूल सकेंगे?
(व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित उत्तर) उदाहरणस्वरूप — किसी विद्यालय-भ्रमण में हिमालय की बर्फ़ीली चोटियाँ पहली बार देखना, या किसी वन्यजीव अभयारण्य में हाथियों के झुंड को क़रीब से देखना — ऐसे अनुभव जीवनभर याद रह जाते हैं। विद्यार्थी अपने वास्तविक अनुभव के आधार पर उत्तर लिखें।
आपकी बात (ख) — आपने अब तक किन-किन पशु-पक्षियों से 'मुलाक़ात' की है?
(व्यक्तिगत अनुभव) जैसे — चिड़ियाघर में शेर-बाघ देखना, गाँव में मोर या हिरन को क़रीब से देखना, समुद्र-तट पर डॉल्फ़िन देखना आदि। विद्यार्थी अपने अनुभव के आधार पर स्थान और समय सहित लिखें।
आपकी बात (ग) — आपको किन-किन बातों पर गर्व होता है?
(व्यक्तिगत उत्तर) — अपने परिवार, विद्यालय, शहर की किसी विशेषता, या अपनी किसी उपलब्धि पर गर्व होने की बात लिखी जा सकती है, जैसे लेखक को मॉरिशस में भारतीय संस्कृति की जीवंतता देखकर गर्व हुआ।
चित्रात्मक सूचना (इंफोग्राफिक्स)
(क) दी गई चित्रात्मक सूचना के आधार पर मॉरिशस के बारे में एक अनुच्छेद लिखिए।
2 नवंबर 1834 को एक ऐतिहासिक नाव भारतीय मज़दूरों को लेकर मॉरिशस पहुँची थी, जिसे वहाँ 'इंडियन आराइवल डे' (आप्रवासी दिवस) के रूप में मनाया जाता है। आज मॉरिशस की जनसंख्या में लगभग 68 प्रतिशत लोग भारतीय मूल के हैं। इनमें से अधिकांश बिहार से आए थे, पर तमिल, तेलुगु और उड़िया मूल के लोगों की भी अच्छी-ख़ासी संख्या है। ब्रिटिश शासकों ने खेतों में लागत कम करने के लिए भारतीय मज़दूरों को वहाँ भेजा था, पर आज मॉरिशस की संस्कृति में भोजपुरी भाषा और हिंदी फ़िल्मों का ख़ास योगदान है। यहाँ तक कि मॉरिशस के पहले प्रधानमंत्री शिवसागर रामगुलाम भी भारतीय मूल के थे।
(ख) — अपनी पसंद के किसी विषय पर इसी तरह की चित्रात्मक सूचना बनाने का कार्य कक्षा-गतिविधि के रूप में समूह में मिलकर किया जा सकता है।)
हस्ताक्षर
दिनकर अपने नाम को एक विशेष शैली में लिखते थे। इसी तरह प्रत्येक विद्यार्थी अपने हस्ताक्षर तय करके उन्हें बार-बार एक जैसा अभ्यास करे — यह पहचान बनाने और औपचारिक कार्यों (जैसे प्रार्थना-पत्र) में उपयोगी होता है।
पत्र — प्रश्नों के उत्तर
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| पत्र किसने लिखा है? | रामधारी सिंह 'दिनकर' ने |
| पत्र किसे लिखा गया है? | चतुर्वेदी जी को |
| पत्र किस तिथि को लिखा गया है? | 8 जुलाई (8-7-67) |
| पत्र किस स्थान से लिखा गया है? | नई दिल्ली (सफ़दरजंग लेन) से |
| पत्र पाने वाले के नाम से पहले किस शब्द का प्रयोग हुआ है? | 'मान्यवर' |
| पत्र-लेखक ने अपने नाम से पहले अपने लिए क्या शब्द लिखा है? | 'आपका' (आपका दिनकर) |
उलझन सुलझाओ — समय का रहस्य
जहाज़ नैरोबी से शाम 4 बजे उड़ा तो 5 घंटों की उड़ान के बाद रात 9 बजे मॉरिशस पहुँचना चाहिए था, लेकिन वह पहुँचा लगभग दस बजे। क्यों?
क्योंकि मॉरिशस का स्थानीय समय नैरोबी (केन्या) के समय से लगभग एक घंटा आगे है। दोनों देश अलग-अलग 'समय-क्षेत्र' (टाइम ज़ोन) में आते हैं, इसलिए घड़ी के हिसाब से गंतव्य पर पहुँचने का समय उड़ान की वास्तविक अवधि (5 घंटे) से अधिक — लगभग 6 घंटे बाद — दिखाई देता है।
दो घड़ियों के अनुसार प्रश्नों के उत्तर दीजिए (भारत में घड़ी ~4:25 दिखा रही है, मॉरिशस में घड़ी ~3:00 दिखा रही है)—
• भारत में समय — लगभग 4:25 बजे (शाम)।
• मॉरिशस में समय — लगभग 3:00 बजे (दोपहर बाद)।
• अंतर — लगभग डेढ़ घंटे (1 घंटा 30 मिनट) का, भारत मॉरिशस से आगे है।
• सूर्योदय पहले भारत में होगा, क्योंकि भारत का समय मॉरिशस से आगे चलता है।
• जब भारत में दोपहर के 12 बजेंगे, मॉरिशस की घड़ियाँ लगभग सुबह 10:30 बजा रही होंगी।
आज की पहेली
"येला मालथ येला घौलश।" (संकेत: क ← ख) — इसका अर्थ पता कीजिए।
यह वाक्य मॉरिशस की क्रेयोल भाषा में है, जिसे दिए गए संकेत ('क' अक्षर को 'ख' अक्षर के स्थान पर पढ़ने जैसी कोई कूट-प्रणाली) की सहायता से डिकोड करने की गतिविधि है। चूँकि यह पूर्णतः पाठ्यपुस्तक में दिए मूल कूट-संकेत पर निर्भर एक कक्षा-गतिविधि है, इसे शिक्षक के मार्गदर्शन में मूल पुस्तक के संकेत-बॉक्स से मिलाकर हल करना अधिक उचित रहेगा।
खोजबीन के लिए
पुस्तक में दिए क्यू.आर. कोड की सहायता से इन रचनाओं को पढ़ें, देखें व समझें — चाँद का कुर्ता, मिर्च का मज़ा (दिनकर की बाल-रचनाएँ), राष्ट्रकवि रामधारी सिंह 'दिनकर' की जीवनी, और हिमालय के पर्वतीय प्रदेश की मनोरम यात्रा (दिनकर का एक और यात्रा-वृत्तांत, जो हिमालय-क्षेत्र के प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन करता है)।
🧠 पाठ का सार — माइंड मैप
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्र. यह यात्रा-वृत्तांत किसने लिखा है?
उ. राष्ट्रकवि रामधारी सिंह 'दिनकर' (1908–1974) ने।
प्र. मॉरिशस को 'छोटा-सा हिंदुस्तान' क्यों कहा गया है?
उ. क्योंकि वहाँ की अधिकतर जनसंख्या भारतीय मूल की है और भाषा, धर्म, त्योहार व स्थान-नामों में भारतीय संस्कृति की गहरी छाप है।
प्र. मॉरिशस में आम जनता कौन-सी भाषा बोलती है?
उ. आम जनता क्रेयोल भाषा बोलती है, जो फ्रेंच से बनी है; राजभाषा अंग्रेज़ी है और वहाँ हिंदी का भी व्यापक प्रचार है।
प्र. मॉरिशस का सबसे बड़ा धार्मिक पर्व कौन-सा है?
उ. शिवरात्रि, जब लोग परी-तालाब (गंगा-तालाब) से जल भरकर काँवर में ले जाते हैं।
🔗 कक्षा 6 मल्हार — सभी पाठ आपस में जुड़े हुए
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