संगच्छध्वं संवदध्वम् — सरल अर्थ, व्याकरण और प्रश्नोत्तर | कक्षा 8 संस्कृत (दीपकम्) कक्षा 8 की एनसीईआरटी संस्कृत पाठ्यपुस्तक 'दीपकम्' का प्रथम पाठ 'संगच्छध्वं संवदध्वम्' ऋग्वेद के प्रसिद्ध संज्ञान सूक्त (संघटन सूक्त) पर आधारित है, जो एकता और सहकार का संदेश देता है। इस लेख में आपको सूक्त-परिचय, मूल संवाद व मंत्र, पदच्छेद-अन्वय-भावार्थ सहित सरल व्याख्या, शब्द-संपदा, महत्वपूर्ण व्याकरण (लोट्-लकार तथा अस्मद्/युष्मद् शब्द), पाठ्यपुस्तक के सभी अभ्यास प्रश्नों के उत्तर तथा अतिरिक्त अभ्यास प्रश्न (MCQ सहित) — सब कुछ एक ही जगह मिलेगा। इस लेख में: सूक्त-परिचय • पाठ परिचय • मूल पाठ (संवाद व मंत्र) • सरल व्याख्या • शब्द-संपदा • व्याकरण विशेष • पाठ्यपुस्तक के अभ्यास • अतिरिक्त प्रश्न (MCQ/लघु/दीर्घ) • माइंड मैप • अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न ऋग्वेद एवं सूक्त-परिचय ऋ संज्ञान सूक्तम् (संघटन सूक्तम्) ऋग्वेद, दशम मण्डल, सूक्त 191 — ऋषिः: सम्वनन आङ्गिरसः प्राचीन भारतीय ज्ञान-परम्परा में वेद को साक्षात् ब्रह्मा के मुख से निःसृत परम पवित्र दैवी वाणी मान...