मञ्जुलमञ्जूषा सुन्दरसुरभाषा — सरल अर्थ, व्याख्या और प्रश्नोत्तर | कक्षा 8 संस्कृत (दीपकम्) कक्षा 8 की एनसीईआरटी संस्कृत पाठ्यपुस्तक 'दीपकम्' का सप्तम पाठ 'मञ्जुलमञ्जूषा सुन्दरसुरभाषा' एक भावपूर्ण काव्य-पाठ है, जो संस्कृत भाषा की महिमा व गौरव का वर्णन चार सुंदर पद्यों में करता है। इस लेख में आपको पाठ परिचय, मूल पाठ (चारों पद्य पदच्छेद-अन्वय-भावार्थ सहित), सरल हिंदी व्याख्या, शब्द-संपदा, व्याकरण (समास), पाठ्यपुस्तक के सभी अभ्यास प्रश्नों के उत्तर तथा 75 अतिरिक्त प्रश्न (MCQ सहित) — सब कुछ एक ही जगह मिलेगा। इस लेख में: पाठ परिचय • मूल पाठ (चार पद्य) • सरल व्याख्या • शब्द-संपदा • व्याकरण विशेष (समास) • पाठ्यपुस्तक के अभ्यास • अतिरिक्त प्रश्न (MCQ/लघु/दीर्घ) • माइंड मैप • अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न पाठ परिचय 'मञ्जुलमञ्जूषा सुन्दरसुरभाषा' पाठ चार पद्यों में रचित एक भावपूर्ण स्तुति-काव्य है, जिसमें संस्कृत भाषा को 'सुन्दरसुरभाषा' (सुंदर देवभाषा) कहकर उसकी महिमा का गुणगान किया गया है। प्रथम पद्य में संस्कृत को मुनियों व कवियों द्वारा विकसित मनोह...