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अलंकार क्या है? शब्दालंकार और अर्थालंकार की पूरी जानकारी, भेद व उदाहरण सहित

हिंदी व्याकरण · कक्षा 6-10 · परीक्षा तैयारी अलंकार – शब्दालंकार और अर्थालंकार : परिभाषा, भेद, उदाहरण और अभ्यास सरल भाषा में पूरी जानकारी, मौलिक उदाहरण, पहचानने की ट्रिक्स और 40 अभ्यास प्रश्न — कक्षा 6 से 10 के विद्यार्थियों, शिक्षकों और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वालों के लिए। जब हम किसी को "तुम बहुत अच्छे हो" कहने की बजाय "तुम चंदा से भी सुंदर हो" कहते हैं, तो दूसरा वाक्य पहले से कहीं ज़्यादा मन में उतरता है। यही जादू है अलंकार का। "अलंकार" शब्द दो भागों से मिलकर बना है — अलम् + कार , जिसका अर्थ है "आभूषण" या "गहना"। जिस तरह गहने पहनकर एक साधारण चेहरा भी सुंदर और आकर्षक लग उठता है, उसी तरह भाषा में अलंकारों का प्रयोग करने से एक सीधी-सादी बात भी सुंदर, प्रभावशाली और यादगार बन जाती है। सरल शब्दों में कहें तो — भाषा को सुंदर, चमत्कारी और प्रभावशाली बनाने वाले शब्दों या अर्थों के विशेष प्रयोग को अलंकार कहते हैं। भाषा में अलंकारों की आवश्यकता तीन मुख्य कारणों से होती है: सौंदर्य के लिए (गहनों जैसी शोभा), प्रभाव के ...

हिंद महासागर में छोटा-सा हिंदुस्तान — दिनकर की यात्रा-वृत्तांत की व्याख्या | कक्षा 6 मल्हार, पाठ 12

हिंद महासागर में छोटा-सा हिंदुस्तान — दिनकर की यात्रा-वृत्तांत की व्याख्या | कक्षा 6 मल्हार कक्षा 6 · हिंदी · मल्हार · पाठ 12 हिंद महासागर में छोटा-सा हिंदुस्तान लेखक: रामधारी सिंह 'दिनकर' (1908–1974) · विधा: यात्रा-वृत्तांत पाठ परिचय — यह एक रोचक यात्रा-वृत्तांत है जिसमें राष्ट्रकवि रामधारी सिंह 'दिनकर' दिल्ली से मॉरिशस तक की अपनी यात्रा का वर्णन करते हैं। रास्ते में नैरोबी (केन्या) के नेशनल पार्क में सिंहों और हिरनों को देखने का रोमांचक अनुभव, और फिर हिंद महासागर के बीचों-बीच बसे मॉरिशस द्वीप में भारतीय संस्कृति की गहरी छाप — यही इस पाठ के मुख्य आकर्षण हैं। लेखक दिखाते हैं कि कैसे भारत से गए लोगों ने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी भाषा, धर्म और परंपराओं को जीवित रखते हुए मॉरिशस को 'छोटा-सा हिंदुस्तान' बना डाला। ✒️ लेखक से परिचय रामधारी सिंह 'दिनकर' (1908–1974) हिंदी के प्रसिद्ध लेखक और राष्ट्रकवि रामधारी सिंह 'दिनकर' की रचनाओं की विशेषता है — भारत और भारत की संस्कृति। उनकी रचनाओं में व...

परीक्षा — प्रेमचंद की कहानी का सार, व्याख्या और प्रश्नोत्तर | कक्षा 6 मल्हार

परीक्षा — प्रेमचंद की कहानी का सार, व्याख्या और प्रश्नोत्तर | कक्षा 6 मल्हार कक्षा 6 · हिंदी · मल्हार · पाठ 10 परीक्षा लेखक: प्रेमचंद (1880–1936) · विधा: कहानी पाठ परिचय — यह कहानी हमें सिखाती है कि सच्ची योग्यता डिग्री, ऊँचे पद या दिखावटी अच्छे व्यवहार से नहीं, बल्कि हृदय की दया, साहस और उदारता से पहचानी जाती है। रियासत देवगढ़ के वृद्ध दीवान सरदार सुजानसिंह जब सेवानिवृत्त होना चाहते हैं, तो वे अपने उत्तराधिकारी की खोज एक अनोखे ढंग से करते हैं — कागज़ी योग्यता से नहीं, बल्कि एक सच्ची परीक्षा से। ✒️ लेखक से परिचय प्रेमचंद (1880–1936) हिंदी के एक महान लेखक और कथा-सम्राट के नाम से प्रसिद्ध प्रेमचंद का वास्तविक नाम धनपतराय था। उन्होंने समाज-सुधार और राष्ट्रीय भावना से ओत-प्रोत कई कहानियाँ और उपन्यास लिखे। उनकी अनेक कहानियाँ जैसे — ईदगाह, बड़े भाईसाहब, गुल्ली डंडा, दो बैलों की कथा आदि बड़ों और बच्चों के बीच बहुत पढ़ी और सराही गई हैं। 📜 मूल पाठ — सार-रूप में भाग 1 — दीवान का त्यागपत्र रियासत देवगढ़ के द...