🔗 कक्षा 9 हिंदी गंगा — सभी पाठ आपस में जुड़े हुए इस पाठ के साथ-साथ कक्षा 9 हिंदी 'गंगा' पुस्तक के बाकी सभी पाठ भी पढ़ें: गद्य खंड पाठ 2 — क्या लिखूँ? पाठ 3 — संवादहीन पाठ 4 — ऐसी भी बातें होती हैं पाठ 5 — आखिरी चट्टान तक पाठ 6 — रीढ़ की हड्डी पाठ 7 — मैं और मेरा देश काव्य खंड 📍 पाठ 8 — रैदास के पद (यह पाठ) पाठ 9 — राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद पाठ 10 — भारति, जय, विजयकरे! पाठ 11 — झाँसी की रानी पाठ 12 — घर की याद रैदास के पद — व्याख्या, अभ्यास प्रश्नोत्तर एवं महत्वपूर्ण प्रश्न कक्षा 9 · हिंदी 'गंगा' · काव्य खंड · पाठ 8 · कवि: संत रैदास (रविदास) · विधा: पद (भक्तिकाल काव्य) 'रैदास' पाठ के अंतर्गत भक्तिकाल के महान संत कवि रैदास (रविदास) के दो पद संकलित हैं, जिनमें भक्त और आराध्य के बीच के अटूट, अभिन्न संबंध को सुंदर उपमाओं व प्रतीकों के माध्यम से व्यक्त किया गया है। इस लेख में आपको दोनों पदों की सरल व्याख्या, शब्दार्थ, पाठ्यपुस्तक के अभ्यास ...