हरिद्वार – भारतेंदु हरिश्चंद्र, पाठ व्याख्या और प्रश्नोत्तर | कक्षा 8 मल्हार कक्षा 8 की हिंदी पाठ्यपुस्तक 'मल्हार' के चौथे पाठ 'हरिद्वार' में भारतेंदु हरिश्चंद्र अपनी हरिद्वार-यात्रा का वर्णन एक पत्र के रूप में करते हैं। यह पत्र उन्होंने 14 अक्टूबर सन् 1871 ई. को अपनी पत्रिका 'कविवचन सुधा' के संपादक के नाम लिखा था, इसलिए इसकी भाषा आज से लगभग 150 वर्ष पुरानी है। इस लेख में पाठ का मूल पाठ, सरल हिंदी में व्याख्या, कठिन शब्दों के अर्थ, पाठ्यपुस्तक के सभी अभ्यास प्रश्नों के उत्तर, अतिरिक्त अभ्यास प्रश्न (MCQ सहित), माइंड मैप और FAQ — सब कुछ विस्तार से दिया गया है। इस लेख में क्या-क्या है लेखक परिचय पाठ परिचय मूल पाठ सरल व्याख्या शब्द-संपदा पाठ्यपुस्तक के अभ्यास प्रश्नों के उत्तर अतिरिक्त अभ्यास प्रश्न माइंड मैप अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न लेखक परिचय भारतेंदु हरिश्चंद्र (जन्म: 9 सितंबर 1850, काशी/बनारस — निधन: 6 जनवरी 1885) हिंदी साहित्य के वे रचनाकार हैं जिन्हें आधुनिक हिंदी साहित्य (गद्य) का जनक माना जाता है। इसका कारण यह है कि उन...