विकास: कांक्रीट का जंगल “ परिवर्तन ही प्रकृति का नियम है। “ और हम जिस समाज में रहते है , वह निरंतर विकास और प्रगति की ओर बढ़ रहा है। कांक्रीट के जंगल , यानी शहरीकरण और आधुनिक बुनियादी ढाँचे का विकास , इस प्रगति का ही प्रतीक है। मैं आपका ध्यान इस ओर विशेष रूप से आकर्षित करना चाहती हूँ कि वर्तमान समय में कांक्रीट के जंगल ही विकास का आधार है। शहरो में इमारतें , सड़के , पुल और अन्य बुनियादी ढाँचे बनाकर हम रोजगार के अनेक रास्ते खोलते हैं। यह न केवल निर्माण क्षेत्र में नौकरियाँ प्रदान करते हैं , बल्कि व्यापार , शिक्षा , स्वास्थ्य जैसी और अन्य सेवाओं के लिए भी संभावनाओं के विभिन्न द्वार खोलते हैं। मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है और समाज की संरचना एक-दूसरे के सहयोग पर टिकी होती है। तो शहरीकरण इस सामाजिक परिभाषा को पूर्णतया परिभाषित करता है। आज शहरों में लोग एक-दूसरे के साथ अपने संसाधनों को प्रेम से बांटते हैं। साथ मिल नई तकनीक खोजकर अपना व दूसरो का जीवन आसान बनाते हैं। ध्यान दीजिएगा , ये विकास के मार्ग ही आधुनिक जीवन की सुविधाएँ प्रदान करते हैं। शहरी क्षेत्रों में हमे शिक्...