झाँसी की रानी - नोट्स व प्रश्नोत्तर 📘 कक्षा 9 | हिंदी काव्य-खंड 🚩 झाँसी की रानी कवयित्री: सुभद्रा कुमारी चौहान पूरी व्याख्या, अभ्यास हल व 75 अभ्यास प्रश्न-उत्तर सहित ✒️ कवयित्री परिचय — सुभद्रा कुमारी चौहान सुभद्रा कुमारी चौहान का जन्म सन् 1904 में उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हुआ था। उनकी आरंभिक शिक्षा प्रयागराज में हुई। अपने समय की प्रसिद्ध रचनाकार होने के साथ-साथ वह एक स्वतंत्रता सेनानी भी थीं, जिसके कारण उन्हें दो बार जेल भी जाना पड़ा था। उन्होंने अपनी कविताओं के माध्यम से जनमानस में राष्ट्रीय चेतना जगाई। उनके लेखन में देशप्रेम, स्त्री-केंद्रित विषयों और स्वाधीनता संग्राम के प्रति गहन प्रतिबद्धता दिखाई देती है। उनकी भाषा की सहजता ने उनकी रचनाओं को व्यापक लोकप्रियता दिलाई। प्रमुख रचनाएँ: मुकुल, त्रिधारा (कविता संग्रह); बिखरे मोती, उन्मादिनी, सीधे-सादे चित्र (कहानी संग्रह); कदंब का पेड़, सभा का खेल (बाल साहित्य)। मुकुल तथा बिखरे मोती के लिए उन्हें दो बार 'सेकसरिया पुरस्कार' से सम्मानित किया गया। सन् 1948 में उनकी आकस्मिक मृत्यु ...