हिंदी व्याकरण की कक्षा — कक्षा 6 से 10 एवं प्रतियोगी परीक्षा हेतु
समास
जब दो शब्द मिलकर एक नया, संक्षिप्त अर्थ रचते हैं — यही समास का जादू है। आइए इसे चित्रों, मानचित्र और उदाहरणों के साथ समझें।
समास क्या है?
जब दो या दो से अधिक शब्द आपस में मिलकर एक नया, संक्षिप्त और सार्थक शब्द बनाते हैं, तो इस प्रक्रिया को समास कहते हैं। बने हुए शब्द को समस्त पद कहते हैं, और उसे फिर से खोलकर मूल शब्दों व उनके संबंध को स्पष्ट करना समास-विग्रह कहलाता है।
ध्यान रहे — संधि में ध्वनियों का मेल होता है, समास में शब्दों (पदों) का। समास मुख्यतः छह भेदों में बँटता है, जिन्हें आगे मानचित्र में देखा जा सकता है।
समास का मानचित्र (Mind Map)
छह भेद — एक नज़र में
- अव्ययीभाव — पहला पद प्रधान
- तत्पुरुष — दूसरा पद प्रधान
- कर्मधारय — विशेषण-विशेष्य
- द्विगु — संख्यावाचक पहला पद
- द्वंद्व — दोनों पद प्रधान
- बहुव्रीहि — तीसरे अर्थ का बोध
छहों भेद — परिभाषा व उदाहरण
① अव्ययीभाव समास
पहला पद प्रधान होता है और समस्त पद अव्यय बन जाता है — समय, स्थिति या रीति का बोध कराता है।
② तत्पुरुष समास
दूसरा पद प्रधान होता है; पदों के बीच की कारक-विभक्ति (को, से, का, में आदि) लुप्त हो जाती है।
③ कर्मधारय समास
दोनों पद विशेषण-विशेष्य या उपमान-उपमेय संबंध में होते हैं; उत्तर पद प्रधान होता है।
④ द्विगु समास
पहला पद संख्यावाचक होता है; समस्त पद किसी समूह या समाहार का बोध कराता है।
⑤ द्वंद्व समास
दोनों पद प्रधान होते हैं; विग्रह में 'और' या 'तथा' का प्रयोग होता है।
⑥ बहुव्रीहि समास
न पहला पद प्रधान, न दूसरा — समस्त पद किसी तीसरे ही व्यक्ति/वस्तु का बोध कराता है।
प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे गए प्रश्न
उत्तर देखने के लिए किसी भी प्रश्न पर टैप/क्लिक करें।
1. 'यथाशक्ति' शब्द में कौन-सा समास है?
2. 'चक्रपाणि' में कौन-सा समास है?
3. 'माता-पिता' शब्द किस समास का उदाहरण है?
4. निम्न में से द्विगु समास का उदाहरण चुनिए — राजपुत्र / नीलकमल / त्रिलोक / सुख-दुःख
5. 'राजपुत्र' का सही समास-भेद क्या है?
6. जिस समास में पहला पद प्रधान होता है, उसे क्या कहते हैं?
7. 'दशानन' में समास है —
8. 'यथासंभव' का सही समास-विग्रह क्या है?
9. 'गिरहकट' में कौन-सा तत्पुरुष उपभेद है?
10. किस समास में दोनों पद प्रधान होते हैं?
11. 'नीलकंठ' का सही विग्रह व भेद बताइए।
12. 'पंचवटी' शब्द में कौन-सा समास है?
अभ्यास हेतु सुझाव
- प्रत्येक भेद को उसकी मूल पहचान (कौन-सा पद प्रधान है) से याद करें, केवल उदाहरण रटने से बचें।
- कर्मधारय और द्विगु में अंतर सिर्फ इतना है — द्विगु में पहला पद संख्यावाचक होता है।
- बहुव्रीहि पहचानने के लिए जाँचें कि समस्त पद किसी तीसरे व्यक्ति/वस्तु की ओर संकेत कर रहा है या नहीं।
- परीक्षा में विग्रह देकर भेद पूछा जाता है और भेद देकर विग्रह भी — दोनों प्रकार का अभ्यास करें।
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