सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

क्रिया विशेषण: परिभाषा, भेद, उदाहरण, MCQ और अभ्यास प्रश्न | हिंदी व्याकरण

क्रिया-विशेषण — परिभाषा, भेद, उदाहरण और अभ्यास

(कक्षा 6–8 एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए संपूर्ण मार्गदर्शिका)

हिंदी व्याकरण में क्रिया-विशेषण एक ऐसा महत्वपूर्ण विषय है जो लगभग हर कक्षा की परीक्षा और अधिकांश प्रतियोगी परीक्षाओं (रेलवे, SSC, शिक्षक भर्ती, CTET आदि) में पूछा जाता है। इस लेख में हम क्रिया-विशेषण को सरल भाषा में, उदाहरणों, तालिकाओं और एक मस्तिष्क मानचित्र (Mind Map) की सहायता से इस प्रकार समझेंगे कि यह विषय हमेशा के लिए याद हो जाए।

1. क्रिया-विशेषण की परिभाषा
जो शब्द क्रिया की विशेषता बताते हैं अर्थात क्रिया के होने के ढंग, समय, स्थान अथवा परिमाण (मात्रा) का बोध कराते हैं, उन्हें क्रिया-विशेषण कहते हैं।

उदाहरण — राम धीरे-धीरे चलता है। (चलने का ढंग बता रहा है)
वह कल आएगा। (आने का समय बता रहा है)
पक्षी ऊपर उड़ रहे हैं। (उड़ने का स्थान बता रहा है)
वह बहुत पढ़ता है। (पढ़ने की मात्रा बता रहा है)

याद रखने की सरल कसौटी: जो शब्द क्रिया से पहले आकर 'कब?', 'कहाँ?', 'कैसे?' या 'कितना?' प्रश्नों का उत्तर देता है, वही क्रिया-विशेषण होता है।
2. क्रिया-विशेषण का मस्तिष्क मानचित्र (Mind Map)

अर्थ के आधार पर क्रिया-विशेषण के चार मुख्य भेद होते हैं। नीचे दिया गया चित्र इन सभी भेदों को एक नज़र में दर्शाता है:

क्रिया-विशेषण कालवाचक (समय — कब?) स्थानवाचक (स्थान — कहाँ?) रीतिवाचक (ढंग — कैसे?) परिमाणवाचक (मात्रा — कितना?)
3. क्रिया-विशेषण के भेद — विस्तृत विवरण
(क) कालवाचक क्रिया-विशेषण — जो क्रिया के होने का समय बताएँ
क्रिया-विशेषण शब्दवाक्य में प्रयोग
आज, कल, परसोंवह कल दिल्ली जाएगा।
अभी, तुरंत, फ़ौरनकृपया अभी यहाँ आइए।
सदा, हमेशा, नित्यसूरज सदा पूर्व से उगता है।
पहले, बाद मेंपहले खाना खा लो, बाद में खेलना।
कभी-कभी, प्रायःवह कभी-कभी देर से आता है।
(ख) स्थानवाचक क्रिया-विशेषण — जो क्रिया के होने का स्थान बताएँ
क्रिया-विशेषण शब्दवाक्य में प्रयोग
यहाँ, वहाँ, जहाँ-तहाँकिताब यहाँ रख दो।
ऊपर, नीचेबिल्ली छत के ऊपर बैठी है।
इधर, उधरबच्चे इधर-उधर दौड़ रहे थे।
अंदर, बाहरवह कमरे के अंदर चला गया।
आगे, पीछेसेना आगे बढ़ती गई।
(ग) रीतिवाचक क्रिया-विशेषण — जो क्रिया के होने का ढंग/प्रकार बताएँ
क्रिया-विशेषण शब्दवाक्य में प्रयोग
धीरे-धीरे, तेज़ी सेगाड़ी तेज़ी से दौड़ रही थी।
अचानक, सहसाअचानक बारिश शुरू हो गई।
सचमुच, वास्तव मेंवह सचमुच बहुत ईमानदार है।
हँसते-हँसते, रोते-रोतेबच्चा रोते-रोते सो गया।
ऐसे, वैसेकाम ऐसे करो जैसे मैंने बताया।
(घ) परिमाणवाचक क्रिया-विशेषण — जो क्रिया की मात्रा/परिमाण बताएँ
क्रिया-विशेषण शब्दवाक्य में प्रयोग
बहुत, अत्यंत, अधिकवह बहुत परिश्रम करता है।
थोड़ा, कम, ज़रा-सामुझे थोड़ा पानी चाहिए।
बिलकुल, पूर्णतःयह बात बिलकुल सच है।
क़रीब-क़रीब, लगभगकाम लगभग पूरा हो गया है।
केवल, सिर्फ़उसने केवल दो रोटियाँ खाईं।
4. रचना (बनावट) के आधार पर क्रिया-विशेषण — प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु महत्वपूर्ण

प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रायः क्रिया-विशेषण को उनकी बनावट के आधार पर भी पूछा जाता है। इसके चार प्रकार हैं:

भेदअर्थउदाहरण
मूल क्रिया-विशेषणजो अपने मूल रूप में ही प्रयुक्त होंअभी, वहाँ, बहुत, नहीं
यौगिक क्रिया-विशेषणजो दो शब्दों/प्रत्ययों के मेल से बनेंयहाँ से, आजकल, यथासंभव
स्थानीय क्रिया-विशेषणसंज्ञा/सर्वनाम आदि से बने शब्द जो क्रिया-विशेषण का कार्य करेंदिनभर, रातभर, घर-घर
अनुकरणात्मक क्रिया-विशेषणध्वनि के अनुकरण से बनें (शब्द की पुनरावृत्ति)झट-झट, सर-सर, फट-फट
5. विशेषण और क्रिया-विशेषण में अंतर
बिंदुविशेषणक्रिया-विशेषण
विशेषता बताता हैसंज्ञा/सर्वनाम कीक्रिया की
उदाहरणवह सुंदर लड़की है।वह सुंदर ढंग से गाती है।
स्थानसंज्ञा से पहलेप्रायः क्रिया से पहले
6. प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण ट्रिक्स
✔ जिस वाक्य में क्रिया के साथ 'कब, कहाँ, कैसे, कितना' में से कोई प्रश्न पूछा जा सके, वहाँ क्रिया-विशेषण अवश्य होगा।
✔ क्रिया-विशेषण की कोई लिंग, वचन या कारक के अनुसार रूप नहीं बदलता — यह सदा एक-सा रहता है (अविकारी शब्द)।
✔ 'बहुत', 'अधिक', 'कम' जैसे शब्द जब संज्ञा के साथ आएँ तो विशेषण, और क्रिया के साथ आएँ तो क्रिया-विशेषण होते हैं। जैसे — बहुत पानी (विशेषण) बनाम बहुत दौड़ता है (क्रिया-विशेषण)।
✔ पुनरुक्त शब्द (जैसे धीरे-धीरे, बार-बार) प्रायः रीतिवाचक या कालवाचक क्रिया-विशेषण होते हैं।
7. अभ्यास प्रश्न
निर्देश: निम्नलिखित वाक्यों में रेखांकित शब्द का भेद बताइए —

1. वह कल गाँव जाएगा। ______________
2. बच्चे यहाँ खेल रहे हैं। ______________
3. वह धीरे-धीरे बोलता है। ______________
4. उसने बहुत मेहनत की। ______________
5. पक्षी ऊपर उड़ रहे हैं। ______________

उत्तर कुंजी: 1. कालवाचक   2. स्थानवाचक   3. रीतिवाचक   4. परिमाणवाचक   5. स्थानवाचक
8. निष्कर्ष

क्रिया-विशेषण हिंदी व्याकरण का एक ऐसा भाग है जो दैनिक बोलचाल और परीक्षाओं दोनों में समान रूप से उपयोगी है। यदि विद्यार्थी इसके चार मुख्य भेदों — कालवाचक, स्थानवाचक, रीतिवाचक और परिमाणवाचक — को उदाहरणों सहित समझ लें, तो यह विषय सदा के लिए स्पष्ट हो जाता है। ऊपर दिया गया मस्तिष्क मानचित्र इसी उद्देश्य से बनाया गया है ताकि विद्यार्थी एक ही चित्र में पूरा विषय दोहरा सकें।

— लेख समाप्त —

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

संज्ञा (Noun) — पूरी जानकारी सरल भाषा में (कक्षा 6, 7 और 8 के विद्यार्थियों के लिए • उदाहरण, चित्र और माइंड मैप सहित)

  संज्ञा (Noun) — पूरी जानकारी सरल भाषा में कक्षा 6, 7 और 8 के विद्यार्थियों के लिए • उदाहरण, चित्र और माइंड मैप सहित ज़रा सोचिए — जब आप बोलते हैं "राम स्कूल जाता है", तो इस वाक्य में राम और स्कूल — ये दोनों शब्द किसी न किसी नाम को बता रहे हैं। हिंदी व्याकरण में ऐसे ही शब्दों को संज्ञा कहा जाता है। आज हम इसे बहुत आसान तरीके से, ढेर सारे उदाहरणों के साथ समझेंगे। 1. संज्ञा किसे कहते हैं? किसी भी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, भाव या गुण के नाम को "संज्ञा" कहते हैं। सरल शब्दों में — दुनिया की हर चीज़ का एक नाम होता है, और वह नाम ही संज्ञा है। संज्ञा = किसी भी नाम का बोध कराने वाला शब्द व्यक्ति (राम, सीता) वस्तु (किताब, कुर्सी) स्थान (दिल्ली, स्कूल) भाव / गुण (ख़ुशी, ईमानदारी) कुछ आसान उदाहरण वाक्यों में: मोहन बाज़ार से आम लाया। (व्यक्ति + वस्तु) दिल्ली भारत की राजधानी है। (स्थान) उसकी ईमानदारी सबको पसंद है। (गुण) गंगा एक पवित्र नदी है। (स्थान/वस्तु का नाम) ✻ ✻ ✻ 2. संज्ञा के भेद (प्रकार) — माइंड मैप संज्ञा मुख्यतः पाँच प्रकार की होती है। नीचे दिया गया माइंड मैप इसे ...

विशेषण क्या है? परिभाषा, भेद, उदाहरण, अभ्यास प्रश्न | Class 6-8 Hindi Grammar

  परिभाषा • भेद • माइंड मैप • MCQ • वर्कशीट • क्विज़ • अभ्यास प्रश्न इस लेख में विशेषण को बहुत आसान भाषा में , ढेर सारे उदाहरणों , चित्रों और अभ्यास के साथ समझाया गया है। यह लेख खासकर कक्षा 6 से 9  तक के विद्यार्थियों के लिए बनाया गया है , ताकि हर बच्चा इसे आसानी से समझ सके। 1. विशेषण क्या है ? ( सरल व्याख्या) जब हम किसी व्यक्ति , वस्तु या जानवर के बारे में बात करते हैं , तो अक्सर यह भी बताते हैं कि वह कैसा है — जैसे उसका रंग क्या है , वह कितना बड़ा है , या कितने हैं। इसी बात को बताने वाले शब्द को विशेषण कहते हैं। परिभाषा: जो शब्द किसी संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता (गुण , रंग , संख्या , आकार आदि) बताए , उसे विशेषण कहते हैं। जिस शब्द की विशेषता बताई जाती है , उसे विशेष्य कहते हैं। आसान उदाहरणों से समझें: राम अच्छा लड़का है। → "अच्छा" विशेषण है , " लड़का" विशेष्य है। मेज़ पर पाँच किताबें हैं। → "पाँच" गिनती बता रहा है , इसलिए विशेषण है। यह लाल गुलाब बहुत सुंदर है। → "लाल" रंग बता रहा ह...

ram-navmi-shakti-pooja