✍️ मेरी कहानियाँ
नमस्कार पाठकों! पढ़ाई के लेखों के साथ-साथ मैं कहानियाँ भी लिखता हूँ। मेरी तीन पूरी कहानियाँ प्रतिलिपि पर मुफ़्त पढ़ी जा सकती हैं — स्कूल-जीवन, देसी फ़ैंटेसी और साइंस-थ्रिलर, तीनों का स्वाद अलग है।
🔔 आख़िरी घंटी
दिल्ली के एक स्कूल की बारहवीं कक्षा। आर्यन घर की आर्थिक तंगी के बीच फुटबॉल का सपना और पढ़ाई — दोनों सँभालने की कोशिश में है। तभी इशिता की एंट्री होती है… और साथ ही शुरू होती हैं दोस्तों की टोली, पुराने ज़ख्म, घर की चुप्पी और एक दोस्त की नशे से लड़ाई।
क्या आर्यन आख़िरी घंटी बजने से पहले अपनी दोस्ती, प्यार, परिवार और सपना — सब बचा पाएगा?
किसके लिए: जिसने कभी स्कूल की आख़िरी घंटी का इंतज़ार किया हो। हर भाग 5–7 मिनट का।
📖 प्रतिलिपि पर पढ़ें विस्तृत परिचय →🤼 अखाड़ा
कबीर एक पहलवान है — पर उसकी असली ताक़त मिट्टी के अखाड़े में नहीं, उसके भीतर बहते ‘प्राण’ में है। ताँबे के तारों के सहारे वह इस शक्ति को बाहर निकाल सकता है, पर हर बार इसकी क़ीमत उसकी अपनी जलती हुई त्वचा चुकाती है।
जब ताक़त ही ज़ख्म बन जाए, तब एक पहलवान कितनी बार उठ सकता है?
किसके लिए: जिन्हें तेज़ रफ़्तार एक्शन, कुश्ती की मिट्टी की ख़ुशबू और देसी सुपरपावर वाली कहानियाँ पसंद हैं।
📖 प्रतिलिपि पर पढ़ें🔱 त्रिनेत्र
हरियाणा के क़स्बे सरस्वतीपुर में डॉ. अनिरुद्ध शास्त्री दिन में साधारण भौतिकी शिक्षक हैं। पत्नी गायत्री की एक धमाके में मृत्यु के बाद वे विज्ञान को शस्त्र बनाते हैं — ध्वनि-तरंगों के यंत्र, उड़ने वाले ‘गरुड़’ और माथे पर तीसरी आँख वाला नक़ाब। रात में वे बनते हैं ‘त्रिनेत्र’ — जो जान नहीं लेता, पर सच को रोशनी में ले आता है।
क्या एक शिक्षक, बदले की आग में जले बिना, न्याय को अदालत तक पहुँचा पाएगा?
किसके लिए: रहस्य-रोमांच, भारतीय धरोहर और विज्ञान के मेल के शौक़ीन पाठकों के लिए।
📖 प्रतिलिपि पर पढ़ें विस्तृत परिचय →- कहानी पसंद आए तो प्रतिलिपि पर रेटिंग और समीक्षा ज़रूर दें — इससे कहानी और लोगों तक पहुँचती है।
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